शिक्षक

"शिक्षक एवम विद्यार्थी"
शिक्षक एवम विद्यार्थी एक ऐसा रिश्ता जो पिता पुत्र से भी बढ़कर होता है।जीवन की नयी ऊचाइयों और आयाम देने के लिए शिक्षक की वैसे ही जरूरत होती है जैसे किसी गाड़ी चलाने के लिए पहियों की। किसी पौधे को विकसित करने के लिए अगर पानी की आवश्कयता होती है उसीप्रकार विद्यार्थी को विकसित करने के लिए शिक्षक की। आजकल  शिक्षा व्यवस्था को पैसो में तोला जा रहा है, आज के तकनिकी युग मे शिक्षक  एवम विद्यार्थी का रिश्ता भी कुछ प्रोफेशनल सा हो गया है। कितनी भी टेक्नोलॉजी क्यों ना आ जाये, लेकिन एक सजीव शिक्षक की जगह कोई नहीं ले सकता है। क्योंकि शिक्षक वरन एक पद नहीं है, बल्कि किसी मकान की वो नीव होता है जिसपर उस मकान की आधारशिला रची हुई होती हैं।मेरे जिवन में रहे सभी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से  रहे सभी शिक्षको जिन्होंने मुझे निरंतर विकास करने और मेरे जीवन रूपी मकान की आधारशिला रखने में मदद की, ऐसे शिक्षको का आभार एवम शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं। ✍मयंक शुक्ला✍

Comments

  1. शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं।सटीक शब्दो में आज की स्थिति बताई है।सीखते रहना और सिखाते रहना वही श्रेष्ठ शिक्षक है।

    ReplyDelete

Post a Comment